एक अंजाना खौफ़
(ek anjana khauf)
यह एक नया तज़ुर्बा है जब मुश्कुराहट से डर लगता है
प्यार कोई जताता है तो वहां से भाग जानेको मन करता है.
(yeh ek naya tajurba hei jab muskurahat se dar lagta hei
pyar koi jatata hei to wahan se bhaag janeko man karta hei)
कोई दिल का दर्द बांटने को आये तो दर्द को छुपा लेते हैं
कोई ख़ुशी बढ़ाने को साथ आये तो दूर चले जाते हैं.
(koi dil ka dard bantne ko aaye to dard ko chupa lete hein
koi khushi badhane ko saath aaye to door chale jate hein)
कोई हाथ थामने की कोशिश करे तो हात छुडालेते हैं,
दो कदम साथ कोई चलने आये तो कदम लड़खड़ा जाते हैं.
(koi haath thamne ki koshish kare to hat chudalete hein
do kadam sath koi chalne aaye to kadam ladkhada jate hein)
गर बात करने की कोई कोशिश करे तो चुपकी साध लेते हैं
कोई हमारी चुप्पी सुनने आये तो हम मन ही रो पड़ते हैं
(yeh ek naya tajurba hei jab muskurahat se dar lagta hei
pyar koi jatata hei to wahan se bhaag janeko man karta hei)
यह खौफ़ ऐसा की किसे बयां करें समझ नहीं पाते हैं
दोस्तों के भीड़ में परेशान गुमनाम को ढूँढ़ते रहते हैं.
(yah khauf eisa ki kise bayan karen samajh nahin pate hein
doston ke bheed mein pareshan gumnaam ko dhoondhte rahte hein )
(ek anjana khauf)
यह एक नया तज़ुर्बा है जब मुश्कुराहट से डर लगता है
प्यार कोई जताता है तो वहां से भाग जानेको मन करता है.
(yeh ek naya tajurba hei jab muskurahat se dar lagta hei
pyar koi jatata hei to wahan se bhaag janeko man karta hei)
कोई दिल का दर्द बांटने को आये तो दर्द को छुपा लेते हैं
कोई ख़ुशी बढ़ाने को साथ आये तो दूर चले जाते हैं.
(koi dil ka dard bantne ko aaye to dard ko chupa lete hein
koi khushi badhane ko saath aaye to door chale jate hein)
कोई हाथ थामने की कोशिश करे तो हात छुडालेते हैं,
दो कदम साथ कोई चलने आये तो कदम लड़खड़ा जाते हैं.
(koi haath thamne ki koshish kare to hat chudalete hein
do kadam sath koi chalne aaye to kadam ladkhada jate hein)
गर बात करने की कोई कोशिश करे तो चुपकी साध लेते हैं
कोई हमारी चुप्पी सुनने आये तो हम मन ही रो पड़ते हैं
(yeh ek naya tajurba hei jab muskurahat se dar lagta hei
pyar koi jatata hei to wahan se bhaag janeko man karta hei)
यह खौफ़ ऐसा की किसे बयां करें समझ नहीं पाते हैं
दोस्तों के भीड़ में परेशान गुमनाम को ढूँढ़ते रहते हैं.
(yah khauf eisa ki kise bayan karen samajh nahin pate hein
doston ke bheed mein pareshan gumnaam ko dhoondhte rahte hein )
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